मीरा बाई को शरण में लेना।
मीराबाई पहले कृष्ण भगवान की भक्ति करती थी उन्हें की पूजा करती थी उन्हें की भक्ति भावना में लीन थी लेकिन एक बार मंदिर जाते वक्त रास्ते में कबीर साहिब जी सत्संग कर रहे थे तो उन्होंने उनका सत्संग सुना और उन्हें ज्ञान हुआ कृष्ण भगवान जी हमारा मोक्ष नहीं करवा सकते वह खुद जन्म मरण के चक्कर में है उनके सत्संग से उन्हें ज्ञान हुआ उसके बाद उन्होंने रविदास जी को ग्रुप बनाया फिर कबीर साहिब जी को कबीर साहिब जी ने उन्हें सत्य ज्ञान व सत्य भक्ति देकर मीराबाई को मोक्ष का रास्ता दिखाया
सूखी टहनी को हरी-भरी करना
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धन्यवाद
मीराबाई पहले कृष्ण भगवान की भक्ति करती थी उन्हें की पूजा करती थी उन्हें की भक्ति भावना में लीन थी लेकिन एक बार मंदिर जाते वक्त रास्ते में कबीर साहिब जी सत्संग कर रहे थे तो उन्होंने उनका सत्संग सुना और उन्हें ज्ञान हुआ कृष्ण भगवान जी हमारा मोक्ष नहीं करवा सकते वह खुद जन्म मरण के चक्कर में है उनके सत्संग से उन्हें ज्ञान हुआ उसके बाद उन्होंने रविदास जी को ग्रुप बनाया फिर कबीर साहिब जी को कबीर साहिब जी ने उन्हें सत्य ज्ञान व सत्य भक्ति देकर मीराबाई को मोक्ष का रास्ता दिखाया
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